काबिल

Kaabil1/25/2017 12:11:37 PMKaabilhttp://efilms.in//FilmImages/kaabil.jpg Kaabil is an Indian Hindi drama thriller film directed by Sanjay Gupta, and produced by Rakesh Roshan under his banner FilmKraft Productions. It features Hrithik Roshan and Yami Gautam in the lead roles while Ronit Roy and Rohit Roy will play negative role in the film.1/25/2017 12:00:00 AM
काबिल एक भारतीय थ्रिलर फ़िल्म है जिसका निर्देशन संजय गुप्ता ने किया है जबकि फ़िल्म के निर्माता राकेश रोशन है। फ़िल्म में ऋतिक रोशन तथा यामी गौतम मुख्य किरदार है जबकि रोनित रॉय और रोहित रॉय सहायक की भूमिका में नज़र आयेंगे।

रिलीज़ दिनांक-25-जनवरी-2017
अभिनेता / अभिनेत्री
निर्देशक
निर्माता
Film Reviews

फिल्म: काबिल
डायरेक्टर: संजय गुप्ता
स्टारकास्ट: ऋतिक रोशन, यामी गौतम, रोनित रॉय, रोहित रॉय और नरेन्द्र झा

 

यह फिल्म दो नेत्रहीन कपल रोहन भटनागर (रितिक रोशन) और सुप्रिया शर्मा (यामी गौतम) के ऊपर बनी है। इस फिल्म को देखने के बाद लगेगा कि बदला अंधा होता है, यह इस फिल्म का सबसे मजबूत संदेश है। यह फिल्म हॉलिवुड फिल्म 'ब्लाइंड फ्यूरी' (1989) के रटगर हॉउर के लीड किरदार के अलावा कोरियन सुपरहिट फिल्म ब्रोकन (2014) से प्रेरित नज़र आ रही है। कुल मिलाकर संजय गुप्ता ने इसे बड़े ही असरदार और मनोरंजक तरीके से पेश किया है।

 

 

कहानी

फिल्म की शुरुआत कुछ इस प्रकार होती है, जहाँ रोहन एक बेहतरीन डबिंग आर्टिस्ट है। हमदर्द मुखर्जी आंटी रोहन की मुलाकात सुप्रिया से करवाती हैं और सुप्रिया भी अंधी है। सुप्रिया काफी अच्छा पियानो बजाती है। पहली ही मुलाकात में रोहन अपनी बातों से सुप्रिया को रिझा लेता है। जल्द ही दोनों की शादी हो जाती है। एक दर्शक के तौर पर उनकी सुखी और प्रेमपूर्ण जीवन की संभावना से खुश होते हैं। फिल्म के इस हिस्से में लेखक-निर्देशक ने रोमांस और डांस के सुंदर पल जुटाए हैं। इनका मोन अमोर डांस देखकर बस सब जादू सा लगता है और बेहद खुशी होती है। रोहन की बस्ती में ही शेलार बंधु का परिवार रहता है। वहां के गुंडे अमित शेलार (रोहित रॉय) और उसका साथी वसीम (सहीदुर रहमान) साथ मिलकर सुप्रिया का रेप करते हैं तो रोहन की दुनिया में और भी ज्यादा अंधेरा छा जाता है।

 

 

 

दरअसल रेपिस्ट अमित वहां के लोकल कॉर्पोरेटर माधवराव शेलार (रॉनित रॉय) का भाई है और इसी वजह से भ्रष्ट पुलिस ऑफिसर (नरेन्द्र झा और गिरीश कुलकर्णी) इस मामले की जांच-पड़ताल को सही तरीके से होने नहीं देते। शुरू में रोहन को उम्मीद रहती है कि उसे पुलिस की मदद मिलेगी। वहां से निराश होने के बाद वह पुलिस अधिकारी को खुली चुनौती देता है कि अब वह खुद कुछ करेगा। वह पुलिस अधिकारी से कहता है, 'आप की आंखें खुली रहेंगी, लेकिन आप देख नहीं पाएंगे। आप के कान खुले रहेंगे, पर आप सुन नहीं पाएंगे। आप का मुंह खुला रहेगा, पर आप कुछ बोल नहीं पाएंगे। सबसे बड़ी बात सर, आप सब कुछ समझेंगे, पर किसी को समझा नहीं पाएंगे।' इंटरवल के ठीक पहले आए रोहन की इस चुनौती के बाद जिज्ञासा बढ़ जाती है कि एक अकेला और अंधा रोहन कैसे सिस्टम के समर्थन से बचे गुनहगारों से निपटेगा। यह देखने के लिए फिल्म देखनी होगी।

 

 

एक्टिंग

इस फिल्म का मुख्य आकर्षण ऋतिक रोशन की दमदार एक्टिंग है। उन्होंने रोहन के किरदार को सटीक रंग और ढंग दिया है। वह एक प्रेमी और एक फाइटर के रूप में शानदार दिख रहे हैं। दर्शक बस यही देख के हैरान हो जाते हैं कि कैसे अंधा रोहन सुगमता से एक्शन कर रहा है। यहां तक कि डांस के सीक्वेंस में कोरियोग्राफर अहमद खान ने उन्हें ऐसे डांसिंग स्टेप दिए हैं कि रोहन दृष्टिबाधित चरित्र जाहिर हो।

 

 

यामी गौतम ने भी शानदार एक्टिंग की है। वही सहयोगी कलाकारों में रोनित रॉय और रोहित रॉय सगे भाइयों की कास्टिंग जबरदस्त है। पुलिस अधिकारी चौबे की भूमिका में नरेंद्र झा याद रह जाते हैं। उन्हें अपने किरदार को जबरदस्त तरीके से निभाया है।

 

 

फिल्म देखने जाएँ या नहीं

इस फिल्म की विशेषता संजय मासूम के संवाद हैं। उन्होंने छोटे वाक्य और आज के शब्दों में भाव को बहुत अच्छी तरह व्यक्त किया है। ऐसा नहीं लगता कि संवाद बोले जा रहे हैं। फिल्म के डायलॉग अच्छे हैं जो आपको पसंद आयेंगे। फिल्म की कहानी भी अच्छी है इसलिए फिल्म देखने जाएँ।

 

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