वजह तुम हो

Wajah Tum Ho12/19/2016 11:08:31 AMWajah Tum Hohttp://efilms.in//FilmImages/wajah-tum-ho.jpg Wajah Tum Ho is Erotic thriller film, directed by Vishal Pandya and produced by Bhushan Kumar. It features Sharman Joshi, Gurmeet Choudhary & Sana Khan in the lead roles while Rajneesh Duggal, Prarthana Behere & Himmanshoo A. Malhotra in supporting roles.12/16/2016 12:00:00 AM
वजह तुम हो एक भारतीय हिन्दी फिल्म है, जिसका निर्देशन विशाल पंडया द्वारा किया गया है और निर्माण भूषण कुमार ने किया है। इस फिल्म में शर्मन जोशी, गुरमीत चौधरी और सना खान मुख्य भूमिका में हैं तथा रजनीश दुग्गल, हिमांशु मल्होत्रा और प्रार्थना बेहेरे सहायक की भूमिका में नज़र आयेंगे।

रिलीज़ दिनांक-16-दिसम्बर-2016
अभिनेता / अभिनेत्री
निर्देशक
Film Reviews

फिल्म: वजह तुम हो

डायरेक्टर: विशाल पांड्या

स्टारकास्ट: शरमन जोशी, गुरमीत चौधरी, सना खान और रजनीश दुग्गल

 

फिल्म ‘वजह तुम हो’, ‘हेट स्टोरी’ और ‘हेट स्टोरी-2’ जैसी ही फिल्मों की तरह है, जिसमें कुछ हॉट सीन और सिज़िलिंग गानों को टूटी-फूटी स्टोरी में पिरो कर लोगों के सामने पेश किया गया है। फिल्म की कहानी समीर अरोरा ने लिखी है और इसका डायरेक्शन विशाल पांड्या ने किया है। विशाल पांड्या की इससे पहले ‘हेट स्टोरी-3’ रिलीज हुई थी, जो बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल दिखाने में नाकामयाब रही थी और जिस तरह की फिल्म लेकर अब विशाल आये हैं, उनके इस फिल्म से भी कुछ ज्यादा उम्मीदें नहीं रखनी चाहिए। फिल्म ‘वजह तुम हो’ एक क्राइम थ्रिलर है, जिसमें क्राइम तो दिखता है लेकिन थ्रिल दूर-दूर तक नहीं दिखता है। फिल्म के बाकी कलाकारों की एक्टिंग के बारे में मैं आगे बात करुंगा लेकिन इस समय आपको यह बता दूं कि डायरेक्ट विशाल पांड्या अपनी इस फिल्म में शरमन जोशी जैसे मंझे हुए कलाकार को भी यूज़ करने में नाकामयाब रहे हैं।

 

कहानी

फिल्म की कहानी ये है कि एक भ्रष्ट पुलिस ऑफिसर एक अंजान शख्स को ब्लैकमेल करने के लिए कॉल करता है और खुद ही मुसीबत में फंस जाता है। उसके सामने एक लाइव मर्डर मिस्ट्री केस है। कोई अंजान शख्स ग्लोबल टाइम्स नेटवर्क के मालिक राहुल ओबरॉय (रजनीश दुग्गल) का सिस्टम हैक कर, बार-बार लाइव मर्डर टेलीकास्ट करता है। इसी वजह से शक की सुई राहुल पर आती है।

 

 

 

आखिरकार मामला कोर्ट तक पहुंचता है। रणवीर (गुरमीत चौधरी) पुलिस के वकील होते हैं तो ओर सिया (सना खान) राहुल के वकील हैं। भले प्रोफेशनली कोर्ट में आमने-सामने लड़ रहे रणवीर और सिया असल में रिलेशनशिप में रहते हैं और यही कहानी है और आखिर में कबीर (शरमन जोशी) इस केस गुत्थी सुलझा पाते हैं या नहीं, लाइव मर्डर कौन करता है और इसके साथ ही कई और नई नई बातें सामने आते रहती हैं।

 

 

एक्टिंग

फिल्म में एक भी किरदार ऐसा नहीं है जिसकी एक्टिंग आपको थियेटर से निकलते वक्त याद रह जाए। यहां तक कि डायरेक्टर विशाल पांड्या ने शरमन जोशी जैसे कलाकार को भी फिल्म में बर्बाद कर दिया है। वो एक ईमानदार पुलिसवाले के किरदार में दिखे हैं, जिनको भारी शब्दों से लदे बोगस डायलॉग दिए गए हैं। फिल्म में शरमन के किरदार को जैसा बनाने की कोशिश की गई है, उसमें डायरेक्टर बुरू तरह से फेल होते हैं। फिल्म में सना खान एक वकील बनी हैं, जो ओवरएक्टिंग करती दिखती है। जब स्क्रीन पर सना डायलॉग बोलती हैं वो बहुत ही बनावटी लगता है।

 

 

अगर बात करें गुरमीत चौधरी और रजनीश दुग्गल की अदाकारी की तो उनके पास न तो कुछ खास डायलॉग हैं और न ही बहुत अच्छे सीन। हां फिल्म में कहीं-कहीं रजनीश दुग्गल डायलॉग बोलते अच्छे लगते हैं लेकिन इतनी लम्बी फिल्म में एक-दो सीन अंत तक आपको याद नहीं रहते हैं। फिल्म के बाकी लोगों के भी छोटे-छोटे किरदार हैं, जो लोग अपने-अपने किरदारों में ठीक-ठाक हैं।

 

डायरेक्शन

फिल्म के डायरेक्टर विशाल पांड्या हैं जो पहले भी इरॉटिक थ्रिलर फिल्में बना चुके हैं। फिल्म को और भी बेहतरीन तकीके से पेश किया जा सकता था। फिल्म में कई चीजों पर काम करने की जरुरत थी जैसे जहां फिल्म में इंटेस मोमेंट्स हैं वहां भी काफी फ्लैट तरीके से फिल्माया गया। फिल्म के डायलोग हैं 'आज इस भटकती खुशबू को ठिकाना दे दो' और 'मैं अगर बारिश हूं तो तुमपर टूट जाने की इजाजत दे दो' जो आपकी 90 के दशक की फिल्मों की याद दिला देंगे।

 

म्यूजिक

फिल्म मे कुछ पुराने गाने डाले गए हैं पल पल दिल के पास, तुझे दिल में बसा लुंगा, माही वे है लेकिन फिल्म में म्यूजिक के मामले में भी कुछ भी नया नहीं है। फिल्म में कुछ पुराने हिट गानों को रीमेक करके डाला गया है, जो एलबम में भले अच्छे लगते हैं लेकिन जब-जब फिल्म में आते हैं फिल्म की स्पीड को रोकते हैं। आपको लगता है कि इस समय गाना डालने की जरुरत क्या थी ? खास करके ज़रीन खान और शर्लिन चोपड़ा के हॉट गाने जिनका फिल्म में होने का मतलब ही समझ नहीं आता है।

 

फिल्म देखने जाएँ या नहीं

फिल्म का सस्पेंस अच्छा है लेकिन फिल्म में कुछ भी खास नहीं है। ना एक्टिंग शरमन जोशी को छोड़कर किसी की अच्छी है और ना तो फिल्म के डायलोग अच्छे है। मिला जुलाकर सस्पेंस और थ्रिलर के लिए एक बार आप फिल्म देख सकते हैं। फिल्म देखने जाने से पहले आप सबसे ऊपर ट्रेलर देख सकते हैं-

 

फिल्म के गाने और लिरिक्स देखने के लिए यहाँ क्लिक करें-